इंटरनेट आज की आवश्यकता

 आज के समय में इंटरनेट किसी भी व्यक्ति को दुनियां के किसी भी कोने में बैठे हुए महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करने की अद्भुत सुविधा प्रदान करता है।इंटरनेट मनुष्य को विज्ञान द्वारा दिया गया एक सर्वश्रेष्ठ उपहार है। इंटरनेट अनंत संभावनाओं का साधन है। इंटरनेट के माध्यम से हम कोई भी सूचना, चित्र, वीडियो आदि दुनिया के किसी भी कोने से किसी भी कोने तक पहुंचा सकते हैं इसके माध्यम से हम लोग आसानी से किसी एक जगह रखे कम्प्यूटर को किसी भी एक या एक से अधिक कम्प्यूटर से जोड़कर जानकारी का आदान प्रदान कर सकते हैं। जैसे ही हम अपने इंटरनेट सेवा प्रदाता को इसके कनेक्शन के लिये पैसे देते हैं उसी समय से हम इसका प्रयोग दुनिया के किसी भी कोने से एक हफ्ते या उससे ज्यादा समय के लिये कर सकते हैं। इंटरनेट अपने आप में कोई आविष्कार नहीं है। इंटरनेट टेलीफोन , कंप्यूटर व दूसरी तकनीक को इस्तेमाल करके बनाई गई एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें सूचना व तकनीक का साझा उपयोग किया जा सकता है।

इंटरनेट शब्द से, हम यह समझ सकते हैं कि यह एक वैश्विक वाइड-एरिया नेटवर्क है जहां असंख्य कंप्यूटर सिस्टम एक ही नेटवर्क से जुड़े हैं। व्यवसाय चलाने से लेकर वित्तीय लेनदेन करने तक, इंटरनेट, जो सबसे शक्तिशाली उपकरणों में से एक है, ने आधुनिक जीवन को बिल्कुल आसान और सरल बना दिया है।

 दुनिया में जब तक इंटरनेट नहीं आया था उससे पहले लोगों को अपने मामूली काम करने के लिए कई कई घंटे इंतजार करना पड़ता था। जैसे रेलवे का टिकट लेने, बिजली का बिल जमा करने तथा आवेदन पत्र जमा करने जैसे काम करने के लिए काफी दिकक्तों का सामना करना पड़ता था। लेकिन आधुनिक समय में लोग बस एक क्लिक से टिकट की बुकिंग कर सकते हैं, साथ ही एक सॉफ्ट कॉपी अपने मोबाईल फोन में भी रख सकते हैं।यह संदेश भेजने का और प्राप्त करने का सबसे सरल और सस्ता साधन है। इंटरनेट के माध्यम से हम दुनिया के किसी भी कोने में बैठे हुए अपने दोस्त अथवा संबंधियों से बात कर सकते हैं। इसे इंटरनेट चैटिंग कहते हैं जिसकी वजह से फेसबुक और वाट्सएप बहुत अधिक प्रसिद्ध हो रहे हैं।

इंटरनेट का इतिहास

1969 में टिम बर्नर्स ली ने इंटरनेट का आविष्कार किया। इसे सबसे पहले सन् 1969 में अमेरिका के प्रतिरक्षा विभाग द्वारा एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी नेटवर्क के गुप्त आंकड़ों और सूचनाओं को दूर दराज़ के विभिन्न राज्यों तक भेजने व प्राप्त करने में लाया गया था। हमारे भारत देश में इंटरनेट 1980 के दशक में आया था।

इंटरनेट के लाभ

इंटरनेट की सहायता से बिजली, पानी और टेलीफोन के बिल का भुगतान घर पर बैठे बिना किसी परेशानी के और बिना लंबी लाईनों में खड़े हुए किया जा सकता है। इंटरनेट से हमें घर बैठे रेलवे टिकेट बुकिंग, होटल रिसर्वेशन, ऑनलाइन शौपिंग, ऑनलाइन पढाई, ऑनलाइन बैंकिंग, नौकरी, खोज आदि सुविधाएँ मिल जाती हैं। 

इंटरनेट के कारण शिक्षा के क्षेत्र में तो बहुत अधिक बदलाव आया है क्योंकि पिछड़े हुए क्षेत्रों में इंटरनेट की उपलब्धता के कारण वहां के विद्यार्थियों को उत्तम शिक्षा मिल रही है, जिससे रोज़गार में वृद्धि हो रही है और देश की तरक्की भी तेजी से हो रही है।

समय की बर्बादी – इंटरनेट पर अगर आप भटक गए तो घंटों का पता ही चलेगा. और आपका कीमती समय इंटरनेट सर्फ करते-करते ही निकल जाएगा. और आज दोस्तों के साथ समय बिताने के बजाए इंटरनेट पर मौजूद कुड़े को देखने में बीत रहा है

मुफ्त नहीं – इंटरनेट मूलभूत जरूरत बन गई है. मगर इस जरूरत को पूरा करने के लिए आपको अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी. तभी आपको इंटरनेट कनेक्शन मिलेगा. मेरे ख्याल से इंटरनेट को फ्री कर देना चाहिए. आप इस बारे में क्या सोचते है? कमेंट करके मुझे जरूर बताएं

साइबर खतरा – इंटरनेट आजादी का पर्याय है. इसलिए, इसके ऊपर मौजूद संसाधनों तक पहुँच आसान है. इसी सुलभता के चक्कर में साईबर खतरों का खतरा हमेशा इंटरनेट युजर पर मंडराता रहता है

प्राइवेसी को नुकसान – आज प्राइवेसी सबसे बड़ी समस्या बनकर उभर रही है. लोगों का निजी डेटा चुराकर बेचा जा रहा है. जिससे बचना बहुत जरूरी है. क्योंकि ऑनलाइन रहने पर आपका निजी डेटा ही आपकी सम्पती है.


Comments